नवंबर का DOMESTIC AIR TRAFFIC UPDATE
उद्योग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 में भारत का घरेलू हवाई यात्री यातायात बढ़कर 154.5 लाख पहुंच गया। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 8.4% और अक्टूबर 2025 के मुकाबले 10.1% ज्यादा है।
इस दौरान एयरलाइंस ने सालाना आधार पर अपनी क्षमता में 4.6% की बढ़ोतरी की, जबकि महीने-दर-महीने क्षमता लगभग स्थिर बनी रही।
FY26 में अब तक की स्थिति (Demand Slowdown)
हालांकि, पूरे वित्त वर्ष की तस्वीर थोड़ी कमजोर नजर आती है।
FY2026 के पहले आठ महीनों (अप्रैल से नवंबर 2025) में घरेलू यात्री संख्या 1,096.5 लाख रही, जो सालाना आधार पर सिर्फ 2.2% की बढ़ोतरी को दर्शाती है।
यह साफ संकेत देता है कि साल के शुरुआती महीनों में हवाई यात्रा की मांग में सुस्ती रही है।
इंटरनेशनल ट्रैफिक की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय एयरलाइंस का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा।
अक्टूबर 2025 में भारतीय एयरलाइंस ने 29.9 लाख अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को उड़ाया, जो पिछले साल के मुकाबले 8.3% और सितंबर के मुकाबले 6% अधिक है।
FY2026 के पहले सात महीनों में कुल अंतरराष्ट्रीय यात्री संख्या 205.5 लाख रही, जिसमें 9% की सालाना बढ़त दर्ज की गई।
ICRA ने FY26 ग्रोथ अनुमान क्यों घटाया?
इन आंकड़ों के बीच, रेटिंग एजेंसी ICRA ने FY2026 के लिए घरेलू हवाई यातायात ग्रोथ अनुमान को घटाकर 0–3% कर दिया है। पहले यह अनुमान 4–6% था।
ICRA के अनुसार, इस कटौती के पीछे कई वजहें हैं:
- सीमा पार तनाव के कारण उड़ानों में रुकावट
- जून 2025 में हुई विमान दुर्घटना से यात्रियों की भावना पर असर
- अमेरिकी टैरिफ से जुड़े दबाव, जिससे बिजनेस ट्रैवल घटा
- दिसंबर 2025 की शुरुआत में इंडिगो की उड़ान रद्दियां
इंडिगो कैंसलेशन और सेक्टर आउटलुक
ICRA ने बताया कि इंडिगो की उड़ान रद्दियां पूरे साल की कुल उड़ानों का सिर्फ 0.4% थीं, लेकिन इसका मनोवैज्ञानिक असर यात्रियों पर पड़ सकता है।
हालांकि, एजेंसी ने एविएशन सेक्टर के लिए Stable Outlook बरकरार रखा है और उम्मीद जताई है कि ये समस्याएं अस्थायी हैं।
FY2027 के लिए हवाई यातायात ग्रोथ 6–8% रहने का अनुमान है, लेकिन यह पहले की उम्मीदों से कम आधार पर होगी।
इंटरनेशनल ग्रोथ अनुमान में भी कटौती
ICRA ने FY2026 के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्री यातायात ग्रोथ अनुमान को भी घटाकर 7–9% कर दिया है, जो पहले 13–15% रहने की उम्मीद थी।
बढ़ती लागत और ATF की मार
एविएशन सेक्टर पर सबसे बड़ा दबाव लागत का बना हुआ है।
दिसंबर 2025 में:
- ATF की कीमतें सालाना आधार पर 8.5% बढ़ीं
- महीने-दर-महीने 5.3% की बढ़ोतरी हुई
FY2025 में ईंधन की कीमतें अपेक्षाकृत कम थीं, लेकिन अक्टूबर 2025 से लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जिससे एयरलाइंस की मुनाफाखोरी पर सीधा असर पड़ रहा है।
FY26 में भारी नुकसान का अनुमान
इन सभी दबावों को देखते हुए, ICRA का अनुमान है कि भारतीय एविएशन उद्योग FY2026 में ₹170–180 अरब का शुद्ध घाटा दर्ज कर सकता है।
यह आंकड़ा ICRA के पहले के अनुमान ₹95–105 अरब से काफी ज्यादा है।
तो दोस्तों,
नवंबर में यात्री बढ़े जरूर हैं,
लेकिन एविएशन सेक्टर की उड़ान
अब भी turbulence में है।
आपका क्या मानना है?
✈️ क्या एविएशन सेक्टर लंबी अवधि में मौका है
या अभी रिस्क ज्यादा है?
अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें ।
धन्यवाद!

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